ब्रेकिंग: दिल्ली हाईकोर्ट ने फेल की टेलीग्राम की याचिका, सरकारी ब्लॉकिंग आदेश बना रहेगा — IFF ने जारी की बड़ी प्रतिक्रिया

ब्रेकिंग: दिल्ली हाईकोर्ट ने फेल की टेलीग्राम की याचिका, सरकारी ब्लॉकिंग आदेश बना रहेगा — IFF ने जारी की बड़ी प्रतिक्रिया

ब्रेकिंग दिल्ली politics news

**दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा कुछ टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। Internet Freedom Foundation ने इस फैसले पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि यह डिजिटल अधिकारों के लिए गंभीर खतरा है।**

ब्रेकिंग: दिल्ली हाईकोर्ट ने फेल की टेलीग्राम की य

क्या हुआ / WHAT HAPPENED

**दिल्ली हाईकोर्ट** ने टेलीग्राम के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए **केंद्र सरकार के ब्लॉकिंग आदेश को बरकरार रखा है**। टेलीग्राम ने इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा **Information Technology Act, 2000** के तहत कुछ चैनलों को ब्लॉक करने के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह आदेश अत्यधिक व्यापक (overbroad) है और डिजिटल स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।

हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि **केंद्र सरकार के पास मौजूदा कानूनी框架 के तहत ब्लॉकिंग का अधिकार है** और टेलीग्राम की याचिका में कोई मजबूत तथ्यात्मक आधार नहीं है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि सरकार द्वारा ब्लॉक किए गए कुछ चैनलों में **गैर-कानूनी गतिविधियां, घृणा फैलाना, और आतंकवादी प्रचार** जैसी सामग्री शामिल थी, जिसके लिए ब्लॉकिंग उचित कदम है।

पृष्ठभूमि / BACKGROUND

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब **केंद्र सरकार के IT मंत्रालय** ने **Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021** के तहत कई टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद टेलीग्राम ने **Delhi High Court** में याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि:

* ब्लॉकिंग आदेश **अस्पष्ट और व्यापक** है * इससे **कानूनी चैनलों** को भी नुकसान पहुंचेगा * यह **डिजिटल स्वतंत्रता** के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है * सरकार ने **पारदर्शीता** के साथ ब्लॉकिंग नहीं की

इस बीच, **Internet Freedom Foundation (IFF)** ने भी इस मामले में **amicus curiae** के तौर पर हस्तक्षेप किया था और कोर्ट को चेतावनी दी थी कि बिना पर्याप्त जांच के ब्लॉकिंग आदेश देना **डिजिटल अधिकारों के लिए खतरा** हो सकता है।

आधिकारिक बयान / OFFICIAL STATEMENTS

**Internet Freedom Foundation** ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

> "कोर्ट का यह फैसला डिजिटल स्वतंत्रता के लिए **गंभीर चिंता का विषय** है। जब तक केंद्र सरकार ब्लॉकिंग के मानदंडों को स्पष्ट नहीं करती, तब तक ऐसे आदेश **कानून की rule of law** के सिद्धांत के खिलाफ हैं।"

IFF ने यह भी कहा कि **भारत में इंटरनेट ब्लॉकिंग दुनिया भर में सबसे अधिक है** और इस मामले में **पारदर्शीता और जवाबदेही** की कमी है।

केंद्र सरकार की ओर से **Attorney General** ने कोर्ट में तर्क दिया कि **सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था** के मद्देनजर ब्लॉकिंग आदेश उचित है और इसे **राष्ट्रीय हित** के तहत देखा जाना चाहिए।

ब्रेकिंग: दिल्ली हाईकोर्ट ने फेल की टेलीग्राम की य

राजनीतिक प्रतिक्रिया / POLITICAL REACTIONS

**दिल्ली सरकार** के स्तर पर इस मामले पर **मुख्यमंत्री Atishi** की अगुआई वाली AAP सरकार ने अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन **दिल्ली के IT मंत्री** ने कहा है कि **डिजिटल सुरक्षा** राज्य सरकार के लिए भी प्राथमिकता है।

**विपक्षी दलों** ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

* **BJP** के कुछ नेताओं ने कहा कि **कानून-व्यवस्था बनाए रखने** के लिए ऐसा कदम उठाना जरूरी था * **कांग्रेस** ने कहा कि **ब्लॉकिंग के मानदंड** पारदर्शी होने चाहिए * **AIMIM** ने कहा कि यह **डिजिटल अधिकारों** के लिए घातक precedents बनाता है

कानूनी कार्रवाई / LEGAL ACTION

* **Delhi High Court** ने याचिका को **खारिज** कर दिया * **केंद्र सरकार के ब्लॉकिंग आदेश** बरकरार रहेंगे * **IFF** ने announced किया है कि वह **Supreme Court** में appeal करने की संभावना को लेकर विचार कर रही है * **टेलीग्राम** ने भी appeal करने के विकल्प पर विचार करने की पुष्टि की है

कोर्ट ने इस मामले में **अगली सुनवाई** की तारीख नहीं तय की है, क्योंकि फैसला **अंतिम** घोषित किया गया है।

विशेषज्ञ विश्लेषण / EXPERT ANALYSIS

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला **भारत में डिजिटल अधिकारों** के भविष्य के लिए **महत्वपूर्ण precedents** बनाता है:

* **डॉ. अभिषेक सिंह** (कानून विशेषज्ञ): "यह फैसला **government surveillance** को और बढ़ावा देता है। Citizens को **digital privacy** के अधिकार के बारे में जागरूक होना चाहिए।" * **प्रो. नीरज खन्ना** (IT कानून विशेषज्ञ): "भारत में **internet censorship** की दर लगातार बढ़ रही है। यह फैसला **global digital rights community** के लिए चिंता का विषय है।"

विशेषज्ञों का मानना है कि **भविष्य में** ऐसे मामलों में **Supreme Court** का रुख महत्वपूर्ण होगा और **digital rights activists** इस फैसले को **न्यायपालिका के स्तर** पर चुनौती दे सकते हैं।

आगे क्या / WHAT NEXT

* **IFF** **Supreme Court** में appeal file करने की तैयारी में है * **टेलीग्राम** भी appeal के विकल्प पर विचार कर रही है * **केंद्र सरकार** अपने ब्लॉकिंग आदेशों को **और कड़ा** करने की संभावना है * **दिल्ली हाईकोर्ट** के इस फैसले के **प्रभाव** को **अगले कुछ हफ्तों** में देखा जा सकेगा

निष्कर्ष

दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला **भारत में डिजिटल स्वतंत्रता** के भविष्य के लिए **महत्वपूर्ण मोड़** साबित हो सकता है। **Internet Freedom Foundation** और अन्य **digital rights organizations** के अनुसार, यह फैसला **government censorship** को और बढ़ावा देता है। **अगले कुछ हफ्तों** में **Supreme Court** में appeal के माध्यम से इस मामले का **नया मोड़** आ सकता है, जिसका **प्रभाव** पूरे **डिजिटल इंडिया** पर पड़ेगा।

Source: Google News

*Source: Google News — foolpolitics.in*

Source: Google News · Published on FoolPolitics.in

Comments

Popular posts from this blog

Why Parliament Panel Chief Wants an Apology From Mark Zuckerberg Over PM Modi Video Row: Key Details Explained

India Fortifies Legal Framework Against Global Crime: A Deep Dive into Ratification of UN Conventions on Corruption and Organized Crime

India Politics Crime Corruption: Key High-Profile Probe Status in Karnataka, West Bengal, and Delhi